बार बार याद आया कोईहर बार बहा ले गया कोईदूर गली से दिलजला गुज़रापहलू से दर्द छलका कोई।मं शर्मा( रज़ा)
बार बार याद आया कोईहर बार बहा ले गया कोईदूर गली से दिलजला गुज़रापहलू से दर्द छलका कोई।
मं शर्मा( रज़ा)