कभी बंदिनी कभी संगिनीबन साथ निभाती रहीजिंदगी बेवफा थी बहुतफिर भी साथ चलती रही।मं शर्मा (रज़ा)#स्वरचित
कभी बंदिनी कभी संगिनीबन साथ निभाती रहीजिंदगी बेवफा थी बहुतफिर भी साथ चलती रही।
मं शर्मा (रज़ा)#स्वरचित