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बंदगी


लहलहाती बगियागुनगुनाती दरियामुस्कुराती जिंदगीखिलखिलाती हंसीकिस्मत से मिलीकर उसकी बंदगी

डगमगाती कश्तीशरमाती युवतीझिलमिलाती शमागुदगुदाती अदाभरमाती है बहुतन कर दीवानगी।

मं शर्मा( रज़ा)#स्वरचित

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