कितने खत भेजेमिले कि नहींउधर से जवाबकभी आया नहींबैरंग भेजता हूँइस बार चिठ्ठीपहुँचेगी तुम तकहै मुझको यकीं।मं शर्मा (रज़ा)
कितने खत भेजेमिले कि नहींउधर से जवाबकभी आया नहीं
बैरंग भेजता हूँइस बार चिठ्ठीपहुँचेगी तुम तकहै मुझको यकीं।
मं शर्मा (रज़ा)