न अस्त्र से न शस्त्र सेन तीर से न तलवार सेआत्मा नष्ट न हो पाएगीकभी आयुध के प्रहार सेकभी व्याधि कभी विकार सेभौतिकता की भरमार सेतन नश्वर है मिट जाएगासमय की धीमी रफ्तार से।मं शर्मा (रज़ा)
न अस्त्र से न शस्त्र सेन तीर से न तलवार सेआत्मा नष्ट न हो पाएगीकभी आयुध के प्रहार से
कभी व्याधि कभी विकार सेभौतिकता की भरमार सेतन नश्वर है मिट जाएगासमय की धीमी रफ्तार से।
मं शर्मा (रज़ा)