राह हो जितनी कठिनकर ले प्रण उतना अटलथमना नहीं होकर विफलसंघर्ष ही होते हैं सफलजब प्रण की जमीन परहौसलों की खाद होतब अंजाम को भूल करसंघर्ष की शुरूआत हो।मं शर्मा( रज़ा)
राह हो जितनी कठिनकर ले प्रण उतना अटलथमना नहीं होकर विफलसंघर्ष ही होते हैं सफल
जब प्रण की जमीन परहौसलों की खाद होतब अंजाम को भूल करसंघर्ष की शुरूआत हो।
मं शर्मा( रज़ा)