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अपेक्षाएँ


नम आँखेंधुँधली नज़रभीगी सड़केंसीला सफर

दरकती दरारेंढहते मंज़रधुंधली यादेंउजड़े शजर

जीवन सफरकाँटों की डगरअंतहीन अपेक्षाओं काअर्थहीन समर ।

मं शर्मा (रज़ा)

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