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आपाधापी


जीवन एक लंबी रैनाये जग रैन बसेरा हैजितनी मिले मोहलतउतने दिन गुज़ारा है

ना कर आपाधापी इतनीक्या तेरा क्या मेरा हैखाली करना होगा बसेराजिस पल प्रभू ने टेरा है।

मं शर्मा (रज़ा)

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