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अनुसरण


चाँद से बेहतर चाँद को

जानेगा और कौन

मैं सीमित शब्दों से कैसे

तुमको वर्णित करूँ

आसमां के वृहद पटल पर

विचरे तुम बिन कौन

मैं धरा से तुम्हारे पथ का

किस तरह अनुसरण करूँ।

मं शर्मा (रज़ा)

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