अधिकारों के मोह में
कर्त्तव्यों से विमुख हुआ
मोह मुझसे मैं मोह से
अति अनुरक्त हुआ
मोह भंग होने पे जाना
कितना बड़ा प्रपंच हुआ
मोह केवल भ्रम ही था
मैं व्यर्थ भ्रमित हुआ ।
मं शर्मा (रज़ा)


अधिकारों के मोह में
कर्त्तव्यों से विमुख हुआ
मोह मुझसे मैं मोह से
अति अनुरक्त हुआ
मोह भंग होने पे जाना
कितना बड़ा प्रपंच हुआ
मोह केवल भ्रम ही था
मैं व्यर्थ भ्रमित हुआ ।
मं शर्मा (रज़ा)