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अंतरिक्ष


संग रहते थेअब साथ नहीं हैंतुम तक पहुँचेक्या मेरे पिता

मैं अशक्ततुम अति विस्तृतहे अंतरिक्ष दे सकोगेक्या उनका पता ।

मं शर्मा (रज़ा)

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