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अन्न


पेट में रोटी तन पे लंगोटीसिर पे छत का होनाजीवन की इन जरूरतों सेकोई घर रहे ना सूना

धन धान्य चाहे थोड़ा होवेबस भूखा कोई सोए नाअन्न अभाव में कोई जीवनकभी मुरझा पाए ना ।

मं शर्मा( रज़ा)

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