ढल गई शामछुप गया सूरजअब घर कोप्रस्थान करोभोर से सूना हैघर आँगनप्रियजनों संगआन मिलो ।मं शर्मा (रज़ा)#स्वरचित
ढल गई शामछुप गया सूरजअब घर कोप्रस्थान करो
भोर से सूना हैघर आँगनप्रियजनों संगआन मिलो ।
मं शर्मा (रज़ा)#स्वरचित