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अँजुली


न तेरे देने में कमी थीन अंजुली का दोष थाहथेली की लकीरों कारचा ये खेल सारा था

नसीब में लिखा जितनाउतना ही मिला थाबार बार माँगने से भलाहुआ किसका भला था।

मं शर्मा( रज़ा)

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