Poetry 1 min read 624.7K reads

आक्रांदन


लहरों को कैसे बाँधोगेकिनारों के इन बाँधों सेटूट जाएँगें बंधन सारेधारों के आक्रांदन से ।

मं शर्मा (रज़ा)

Read more Earn more Learn more