Poetry 1 min read 382.1K reads

अग्रसर


इत्र सी महक लहज़े मेंफूलों सा महकता रिश्ता हैकाशी में गुंजित मंत्रोच्चारमानो मोक्ष को अग्रसर होता है।

मं शर्मा (रज़ा)

Read more Earn more Learn more