तुम ही तो थीयुगों युगों कीजीवनसंगिनीसहगामिनीवामांगिनीसहधर्मिणीफिर क्योंअपनों के द्वाराहर युग मेंतुम छली गईहरबार अग्निपरीक्षा मेंधकेली गई ।मं शर्मा( रज़ा)
तुम ही तो थीयुगों युगों कीजीवनसंगिनीसहगामिनीवामांगिनीसहधर्मिणी
फिर क्योंअपनों के द्वाराहर युग मेंतुम छली गईहरबार अग्निपरीक्षा मेंधकेली गई ।
मं शर्मा( रज़ा)