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आद्यांत


आदि से अंत तकएक प्रश्न ज्वलंत हैक्या प्रारंभ ही अंत हैक्या अंत भी अनंत है

आद्यांत का वृत्तांतक्या सर्वदा जीवंत हैक्या अंतहीन अंत कोपूर्णतः जीना बसंत है।

मं शर्मा( रज़ा)

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