लाख छिपायालाख झुठलायाआदत ने मेरीबहुत छकायाउसको भुलायाखुद को बहकायासिरहाने ने रात कोरात भर जगाया ।मं शर्मा (रज़ा)
लाख छिपायालाख झुठलायाआदत ने मेरीबहुत छकाया
उसको भुलायाखुद को बहकायासिरहाने ने रात कोरात भर जगाया ।
मं शर्मा (रज़ा)