वक्त की नज़ाकत समझकिसका सिक्का चलता हैसमय की अदालत मेंउसी का कहा चलता हैना गवाही है न सुनवाईना पैरवी न मुकदमा हैसमय की अदालत हैसमय ही फैसले करता है ।मं शर्मा (रज़ा)
वक्त की नज़ाकत समझकिसका सिक्का चलता हैसमय की अदालत मेंउसी का कहा चलता है
ना गवाही है न सुनवाईना पैरवी न मुकदमा हैसमय की अदालत हैसमय ही फैसले करता है ।
मं शर्मा (रज़ा)