Poetry 1 min read 624.1K reads

अदालत


वक्त की नज़ाकत समझकिसका सिक्का चलता हैसमय की अदालत मेंउसी का कहा चलता है

ना गवाही है न सुनवाईना पैरवी न मुकदमा हैसमय की अदालत हैसमय ही फैसले करता है ।

मं शर्मा (रज़ा)

Read more Earn more Learn more