अदाओं पर उसकी मरता आयानफासतों को उम्रभर जीता आयाइश्क में जितनी रंजिशें थीं बाकीवक्त रहते उनके अदा कर आया ।मं शर्मा (रज़ा)
अदाओं पर उसकी मरता आयानफासतों को उम्रभर जीता आयाइश्क में जितनी रंजिशें थीं बाकीवक्त रहते उनके अदा कर आया ।
मं शर्मा (रज़ा)