प्रेम प्रीत औरसादगी भरा जीवनप्रभु को भाएसद्कर्मों का पालनछोड़ तन धन का चिंतनकर आत्मा का आलिंगनझूठ फरेब की दे आहुतिकर ले सत्य का आचमन ।मं शर्मा (रज़ा)
प्रेम प्रीत औरसादगी भरा जीवनप्रभु को भाएसद्कर्मों का पालन
छोड़ तन धन का चिंतनकर आत्मा का आलिंगनझूठ फरेब की दे आहुतिकर ले सत्य का आचमन ।
मं शर्मा (रज़ा)