भोर हुई सूरज निकलाफैला उजाला चहुँ दिशाओं मेंमातृभूमि की खुशबू महकीहर देशप्रेमी के मानस मेंहवाओं ने शोर मचायाखतरे में है माँ का मानकफन बाँध के मस्तक पेछेड़ो विजय का अभियान ।मं शर्मा (रज़ा)
भोर हुई सूरज निकलाफैला उजाला चहुँ दिशाओं मेंमातृभूमि की खुशबू महकीहर देशप्रेमी के मानस में
हवाओं ने शोर मचायाखतरे में है माँ का मानकफन बाँध के मस्तक पेछेड़ो विजय का अभियान ।
मं शर्मा (रज़ा)