खो जाते हैं सपने अक्सर राहों मेंखो जाती है मंजिले अक्सर राहों मेंखो कर कोई ना पाताजा कर ना वापस आतामिट्टी की काया मिट्टी में ही मिलती हैजग की बातें सब धरी यहीं रह जाती हैमिट्टी की माया मिट्टी में मिल जाती है