चाहत ऐसी क्यूं तुम्हारी
मैं दीवानी कहलायी
मोह में पड़ कर तुम्हारे
प्रीत भी परायी कहलायी
इश्क भी बगावत जैसा
इसलिए मैं झाँसी की रानी कहलायी
ओर लगे प्रीत में मुझे तुम श्याम हो
तो भक्ति में मीरा कहलायी
कहते हैं अजीब सा रोग है दिल का
इसलिए मैं दिल वाली कहलायी.

