है इश्क तो ऐतबार कीजिये
कभी रुक कर मेरा इंतजार कीजिये
बहाने तो तुम खूब बना लेते हो
कभी हमारे बहानो पर ऐतबार कीजिये
घर से मेरे गुजरते वक्त जरा बेल बजा दीजिये
मैं दौड़ आउंगी तुम्हारे आने पर ये भी देख लीजिये
कुछ खास मांगा अपने रब से
तो मेरा जहां मुक्कमल कीजिए
कभी खुद पर तो कभी मुझ पर ऐतबार कीजिए