मीलकर वो आये आज अपने आप से रंगो में जा खिली हंसी नजारो से जा मिली हंसी पहला ख्वाब पहला प्यार नजाकत उन नजारो की बांसुरी की तान रंगो का मौसम मुलाकातो का दौर है ओर मिलन की बात मीलकर वो आये आज अपने आप से