बेबुनियाद की बातों में आकर समय न खोना इनके लिए समय कहा है हर घड़ी घड़ी देखना आदत तुम्हारी ऐसा लगता है इंतज़ार किसी का मन चाहे काहू थोड़ी देर रुक जाओ फिर क्या था समय निकला न मोहरत किसी का वो तो यहीं थे यहीं के यहीं पूरी बात सुन कर जाना घड़ी में नज़र न गड़ाना नहीं तो समझेंगे इंतज़ार ही बाकी