हम लोग अक्सर चर्चा करते हैं आपस में ,अलग-अलग विषयों पर
अभी हाल ही में देश के महोल पर चर्चा हो रही थी, तब मैंने कहा ये खाईं हिंदू मुस्लिम की वो बढ़ रही है अब कभी क्या वापस पहले जैसा प्यार होगा?
नफ़रत मिटेगी तो जवाब आया नहीं!
यह सुनना ही बहुत है.