खुद को किसी से कम मत समझो
तुममे भी कुछ बात है
जो जीत सके ऐसे जज़्बात है
अपने ऊपर न करना कभी शक
क्योंकि कामयाबी है तुम्हारा हक़
जिस दिन खुद को मान दोगे
उस दिन सम्मान पाओगे
हर दिन जीना खुल के
क्यूंकि ये जंग का मैदान नहीं खेल का मैदान है


खुद को किसी से कम मत समझो
तुममे भी कुछ बात है
जो जीत सके ऐसे जज़्बात है
अपने ऊपर न करना कभी शक
क्योंकि कामयाबी है तुम्हारा हक़
जिस दिन खुद को मान दोगे
उस दिन सम्मान पाओगे
हर दिन जीना खुल के
क्यूंकि ये जंग का मैदान नहीं खेल का मैदान है