वजह ना पूछिए

हम बेवजह भी मुस्कुरा देते हैं

उलझने बेज़ार से रहते हैं

आँखें बंद करते है, और

उन्हें गले से लगा लेते हैं

कर देते हैं उनकी

राह आसान कुछ इस तरह

कि अन्धेरों में

हम दिल को जला लेते हैं

मिल जायें ख़ुशियाँ

जो सफ़र में कहीं

तो आज भी हम

उनकी गली का पता देते हैं