ज़िंदा रहे तो फिर आएँगे
तुम्हारे शहर को आबाद करने
वहीं मिलेंगे बड़ी इमारतों के बीच
तिरपाल से ढकी अपनी झोपड़ियों में
किसी चौराहे पे अपने औज़ारों के साथ
पसीने से तरबतर फावड़ा चलाते
हर गली में , हर नुक्कड़ पे
रिक़्शl खींचते ऑटो चलाते
फ़ैक्टरियों से निकले काले धुएँ जैसे
मंडियों में माल धोते
कपड़े धोते प्रेस करते
समोसे बनाते पूरी तलते
बस एक बार
आज मत रोको जाने दो
नहीं तो मिट्टी में समा जाने दो

