Poetry 1 min read 599.2K reads

स्त्री


‌‌ *स्त्री*

स्त्री सम्मान है ,अभिमान है, वह स्वयं अपनी पहचान है।स्त्री सानिध्य है, प्रेम है ,ममतामई मुस्कान हैस्त्री मान है सतीत्व का और अस्तित्व को को देती नव प्राण हैंस्त्री एक दिन की अभिव्यक्ति नहीं हर दिन का सम्मान है।।

Read more Earn more Learn more