मेरे पते पर अब कोई दूसरा रहता है
तेरे दिल पर किस का पहरा रहता है ।।
कल शाम पूछा था मैंने हर परिंदे से
घर तेरे इंतजार में कौन ठहरा रहता है ।।
किसी के मतलब का क्या वो खुदका नहीं
प्यासा रखे सबको खुद प्यासा सहरा रहता है।।
लोगों को खामोश नज़र आता हूं तो हूं
बड़े दिल का समंदर अक्सर गहरा रहता है ।।
मुझसे मतलब निकले तो निकाल लो तुम
आफताब जितना भी जले ज़हरा रहता है ।।
दुश्मन तेरा पास रहे कोई बात नहीं
अपना कोई दूर रहे तो खतरा रहता है ।।
मनीष राजाजी


