अगर वो मुझे इतना आसान समझता
मुमकिन है मुझसे मुहब्बत नहीं करता
इन शहरों में मुहब्बत नहीं शायद
वरना पूरा शहर सड़क पे नहीं फिरता ।।
वो इश्क़ करने से घबराता है बहुत
दिल सच्चा होता तो नही डरता ।।
सब वक्त के साथ मिट जाता है मगर
इंसान समझने की कोशिश नहीं करता ।।
उसे मोहब्बत है कैसे यकीन करूं
अकेले में कभी वो आंहे नहीं भरता ।।


