तमाम उम्र हमने शरारत की बहुत

अम्मी अब्बू ने फिर हिफाज़त की बहुत।।


अपने अपने हुनर में दोनों माहिर थे

उसने दगा की मैंने मोहब्बत की बहुत।।


कहते हैं शराबियों का साथ अच्छा नहीं

तेरे जाने के बाद उनकी सोहबत की बहुत।।


तुझे भूल जाने के मौके आए मगर

तेरे दिए जख्म की हिफाजत की बहुत


दिमाग ने  पहचान लिया था पहले ही

दिल ने मगर तेरी वकालत की बहुत ।।