क्या पता..

जो हम अब जी रहें हैं,

वो सब एक लम्बा सपना हो?

क्या पता..

जो अब हम जी रहें है,

वो मृत्यु के बाद का सच हो?

क्या पता..

जो अब हम जी रहें हैं,

वो ही मृत्यु हो?

और जिसे हम मृत्यु समझ रहें हैं

वो दर असल जीवन का द्वार हो?