दरारों सा चटकता आसमान
दूर तक धुँधलाता,
अपने फैलाव को समेटता,
घटाओं के टूटने के बाद बिखरता आसमान
अपने सूरज को तलाशता हो जैसे
दिन के उजालों को खो देने का डर लिए
बेअसर चाँद को छुपाता,
रात के सफ़र से सहमता आसमान
तारों की अफ़रातफ़री
रोकने की असफल कोशिश करता
अपने वजूद को खोता आसमान
टूटे इंद्रधनुष
बिखरी हवाओं की बेरुख़ी छिपाता आसमान
टूटे आज से जीवंत कल की कल्पना करता..
मेरा आसमान।


