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ज़िन्दा हूँ


ज़िन्दा हूँ मैं क्यूँकि अपना अतीत भुला पाता हूँ यारों वरना तो अतीत के ज़ख्म मुझे सोने भी ना दें तू मेरे सामने खड़ा है आज ये तेरी नहीं मेरी हिम्मत है क्यूँकि मेरी निगाह ने तुझे तेरी निगाह से गिरने ना दिया।

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