मुझसे वफ़ा की ख़्वाहिश ना कर मेरे महबूबतेरी ही बेवफ़ाई ने रूसवाई की दहलीज़पर पहुँचाया है हमें वरना अक्सरवफ़ा के क़सीदे पढ़ा करते थे ।
मुझसे वफ़ा की ख़्वाहिश ना कर मेरे महबूबतेरी ही बेवफ़ाई ने रूसवाई की दहलीज़
पर पहुँचाया है हमें वरना अक्सरवफ़ा के क़सीदे पढ़ा करते थे ।