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नश्तर


मेरे दर्द का मरहम न बन सको कोई बात नहीं, मगर मेरे ज़ख़्मों का नमक न बन जाना कभी, मेरे साथ न चल सको तो कोई बात नहीं, मगर मेरे पैरों का नश्तर न बन जाना कभी ।।

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