कमी की क्या बात करें ऐ दोस्त यहाँ तो मुकम्मल कभी कोई तस्वीर हुई नहीं दीवार पर एक तस्वीर बनाई हमने और लिख दिया कि कमी निकले तो लाल रंग देना अगली सुबह देखा तो पाया कि तस्वीर की जगह दीवार ही सुर्ख़ लाल थी।