जब जब तुझे छोड़ना चाहा ऐ रब तू उतना ही क़रीब आ गया सुनी हो या ना सुनी हो तूने दुआ मेरी मैंने हर बर ही ये सोचा कि मेरा नसीब आ गया अब तो यही कहूँगी ऐ मालिक मुझको तेरी राह पर जीने का सलीक़ा आ गया ।