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इन्सां


क्या फर्क पड़ता है यार के मैं हिन्दू हूँ या मुसलमां हूँ गर मैं एक अच्छा ना इन्सां हूँ तो उस परवरदिगार का भी ना चहेता हूँ ।।

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