जिस दिन से मैंने तुझसे मोहब्बत की तेरा क़ातिल होना भी मुझे बुरा ना लगा इतनी टूट के मैंने तेरी अक़ीदत की कि तेरा ना हासिल होना भी मुझे बुरा ना लगा इतनी शिद्दत से तुझे चाहा है हमने ऐ महबूब कि सिर्फ़ तेरे दोस्तों में अपना नाम  शामिल होना भी मुझे बुरा ना लगा ।।