शोर, खामोशी और यह मन,सब अंदर से लड़ रहे हैं।मैं थक कर हार भी चुका हूँ,फिर भी सब ज़िद पर अड़े हैं।
शोर, खामोशी और यह मन,सब अंदर से लड़ रहे हैं।
मैं थक कर हार भी चुका हूँ,फिर भी सब ज़िद पर अड़े हैं।