जन्म और मौत, दोनों किनारे पे हैं,
हम नाव पर सवार, बीच धारे पे हैं।

लहरों से लड़ना हमारी फितरत में है,
हर डूबते पल में एक हसरत सी है।

सफ़र यही है, ना ठहराव इसमें,
हर सांस का अपना एक बहाव इसमें।

न जन्म का पता, न मौत का इंतज़ार,
बस जी लो पल-पल, यही है संसार।