December, तुम चले जाओ सारा साल लेकर।मैं थक चुका हूँ ज़मीन पर आसमान लेकर।बिखरे सपने, टूटी उम्मीदें, अरमान खंडहर हो गए।अब आने भी दो January को नया पैगाम लेकर |
December, तुम चले जाओ सारा साल लेकर।मैं थक चुका हूँ ज़मीन पर आसमान लेकर।
बिखरे सपने, टूटी उम्मीदें, अरमान खंडहर हो गए।अब आने भी दो January को नया पैगाम लेकर |