बस छोड़ दे अब बुझ जाने दे मुझकोमैं राख सी उड़ना चाहता हूँ ।मत डाल सुखी लकड़ी मुझ परमैं और नहीं दहकना चाहता हूँ ॥
बस छोड़ दे अब बुझ जाने दे मुझकोमैं राख सी उड़ना चाहता हूँ ।
मत डाल सुखी लकड़ी मुझ परमैं और नहीं दहकना चाहता हूँ ॥