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बस छोड़ दे


बस छोड़ दे अब बुझ जाने दे मुझकोमैं राख सी उड़ना चाहता हूँ ।

मत डाल सुखी लकड़ी मुझ परमैं और नहीं दहकना चाहता हूँ ॥

— Manas akshar
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