जब वक़्त गुज़र जायेगा तो अरमानों का क्या होगाबादलों से बिछड़ कर आसमानों का क्या होगाजो दिल से लगा के बैठे थे ख़्वाब तेरे संग कीटूट के बरस जाओगे तो आशियाने का क्या होगा
जब वक़्त गुज़र जायेगा तो अरमानों का क्या होगाबादलों से बिछड़ कर आसमानों का क्या होगा
जो दिल से लगा के बैठे थे ख़्वाब तेरे संग कीटूट के बरस जाओगे तो आशियाने का क्या होगा